46-179 दिन की एफडी पर अब 5.50% की बजाय 5% ब्याज मिलेगा
लोन पर एक साल का एमसीएलआर 7.90% की बजाय 7.85% होगा
कर्ज और जमा पर ब्याज की नई दरें 10 फरवरी से लागू होंगीमुंबई. देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने लोन की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड ब्याज दर (एमसीएलआर) में सिर्फ 5 बेसिस प्वाइंट यानी 0.05% की कटौती की है। लेकिन, एफडी की ब्याज दरें 0.10% से 0.50% तक घटा दी हैं। नई दरें 10 फरवरी से लागू होंगी। लोन पर एक साल की एमसीएलआर की दर 7.90% की बजाय अब 7.85% होगी। एसबीआई के ज्यादातर लोन एक साल की एमसीएलआर पर ही आधारित हैं। इसमें कटौती का फायदा रेपो रेट से जुड़े कर्ज वाले ग्राहकों को नहीं मिलेगा। उनकी ब्याज दरें आरबीआई के रेपो रेट में बदलाव करने पर प्रभावित होती हैं। आरबीआई ने गुरुवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया।
2 करोड़ रुपए से कम की एफडी पर ब्याज दर
अवधि मौजूदा ब्याज दर 10 फरवरी से ब्याज दर कमी
7-45 दिन 4.50% 4.50% 0
46-179 दिन 5.50% 5% 0.50%
180-210 दिन 5.80% 5.50% 0.30%
211 दिन से 1 साल 5.80% 5.50% 0.30%
1 साल से 2 साल 6.10% 6% 0.10%
2 साल से 3 साल 6.10% 6% 0.10%
3 साल से 5 साल 6.10% 6% 0.10%
5 साल से 10 साल 6.10% 6% 0.10%
सीनियर सिटीजंस के लिए एफडी की ब्याज दर
अवधि मौजूदा ब्याज दर 10 फरवरी से ब्याज दर कमी
7-45 दिन 5% 5% 0
46-179 दिन 6% 5.50% 0.50%
180-210 दिन 6.30% 6% 0.30%
211 दिन से 1 साल 6.30% 6% 0.30%
1 साल से 2 साल 6.60% 6.50% 0.10%
2 साल से 3 साल 6.60% 6.50% 0.10%
3 साल से 5 साल 6.60% 6.50% 0.10%
5 साल से 10 साल 6.60% 6.50% 0.10%
बैंकों ने आरबीआई के रेट कट का पूरा फायदा ग्राहकों को नहीं दिया
आरबीआई ने पिछले साल फरवरी से अक्टूबर तक लगातार 5 बार में रेपो रेट 1.35% घटाया था, लेकिन बैंकों ने ग्राहकों को उतना फायदा नहीं दिया। इस दौरान एसबीआई ने एमसीएलआर में सिर्फ 0.50% कमी की। बैंकों के इस रवैए को देखते हुए आरबीआई ने 1 अक्टूबर से ब्याज दरों को रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य कर दिया था। ताकि, आरबीआई रेट घटाए तो बैंकों को भी तुरंत कटौती करनी पड़े और ग्राहकों को जल्द फायदा मिल जाए। एसबीआई समेत प्रमुख बैंक ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ चुके, लेकिन एमसीएलआर आधारित व्यवस्था भी जारी है। एमसीएलआर वाले ग्राहक चाहें तो रेपो रेट पर शिफ्ट हो सकते हैं।
एसबीआई / एमसीएलआर बेस्ड लोन की ब्याज दर सिर्फ 0.05% घटाई, लेकिन एफडी के ब्याज में 0.10% से 0.50% तक कमी